मुंबईः उद्धव ठाकरे की शिवसेना और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) गठबंधन के बीच दरार पैदा हो गई है। दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में शिवसेना(UBT) ने चंद्रपूर महानगरपालिका में बीजेपी के साथ मिलकर सत्ता स्थापित की। इस समर्थन के ऐवज में शिवसेना (UBT) को सवा साल के लिए मेयर पद देने का भरोसा बीजेपी ने दिया है।
एमएनएस ने शिवसेना (UBT) पर लगाया गंभीर आरोप
राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस के नेता संदीप देशपांडे ने आरोप लगाया गया कि इस समर्थन के बदले शिवसेना(UBT) के हर पार्षदों को 'एक खोखा' यानी 1 करोड़ रुपए दिए गए हैं। शिवसेना (UBT) ने इस आरोप पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि MNS के आरोप झूठें हैं, दम है वो सबूत पेश करें। इस पर संदीप देशपांडे ने पलटवार करते हुए ट्वीट कर लिखा कि जिस दिन आप जनता को 'पच्चास खोखा (50 करोड़)' का सबूत देंगे उस दिन मैं भी सौ फ़ीसदी चंद्रपूर में हुए 'एक खोखा' का सबूत दूंगा।
वहीं, शिवसेना (UBT) के चंद्रपुर डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट संदीप गिरहे ने देशपांडे पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर MNS लीडर यह सबूत पेश करते हैं कि कॉर्पोरेटरों को पैसे मिले हैं तो वह इस्तीफा दे देंगे। गिरहे ने लोकल कांग्रेस लीडर्स पर जिले में शिवसेना (UBT) के पदाधिकारियों की बेइज्जती करने का भी आरोप लगाया।
पच्चास खोखा विवाद क्या है?
शिवसेना में बगावत के बाद ठाकरे सेना ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने हर विधायक को 50 करोड़ दिए। पच्चास करोड़ के लिए विधायकों ने उद्धव की सरकार को गिरा दिया। UBT की तरफ से बाकायदा नारा गढ़ा गया तो बहुत प्रचलित हुए। पन्नास खोखे.. एकदम ओके (पच्चास करोड़, एकदम ओके)...। शिवसेना(UBT) ने 50 करोड़ लेने का आरोप तो शिंदे सेना के विधायकों पर लगाया लेकिन आजतक सबूत नहीं पेश किया। इसी को मुद्दा बनाते हुए MNS उद्धव सेना पर तंज कस रही है।
बता दें कि चंद्रपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में अपने मेयर कैंडिडेट को जिताने में कामयाब हो गई। शिवसेना (UBT) ने बीजेपी का समर्थन किया है। जबकि कांग्रेस यहां पर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कांग्रेस यहां सिर्फ एक वोट से हार गई।
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